आखिरकार मंगल संमंद जिंदगी की लड़ाई हार गए

परसुडीह: चार महीने से जिंदगी मौत से लड़ रहे मंगल समंद की आज आखिरकार मेडिका हॉस्पिटल में मृत्यु हो गई। परसुडीह की साहू सीमेंट में मजदूर था। काम करने के दौरान दुर्घटना घटी जिसमे  उसकी गर्दन से लेकर रीड की हड्डी तक टूट गई थी। अब अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गया। वे अपना जीवन यापन कैसे करेगे ये बड़ी समस्सया है।

परणा गुहा, राज कुमार सिंह और प्रसाद राणा ने संयुक्त प्रयास से मंगल समद की बाॅडी को मेडीका हाॅस्पिटल से शेष राशि माफ करवा कर उसके घर पहुंचाए। 

अपर्णा गुहा के निवेदन पर सामाजिक संस्थान साई मानव सेवा ट्रस्ट ने 1 साल का राशन अथवा बच्चों की पढ़ाई लिखाई की जिम्मेदारी उठाई। यह सामाजिक संस्थान अपर्णा गुहा जी की ही है।

अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई भी घोषणा नहीं हुई है ।

Advertisements