​खादीमय हुआ ऐतिहासिक मोहराबादी मैदान, कलाकारों ने सम्भाला मंच

सुमित कुमार 

रांची: रांची शहर के ऐतिहासिक मोहराबादी मैदान में चल रहे मेगा ट्रेड एक्सपो मेले में दो राज्यों की खादी ने रंग जमा रखा है। शहरवासी मोदी की बण्डी की तरह खादी की रंग बिरंगी बण्डियां खरीद रहे हैं। जिसे देखते हुए स्टॉल धारको ने खादी के कपड़ो पर भारी छूट दे रहे हैं। झारखण्ड के खादी स्टॉल पर लगभग तीन से चार रंगों की बण्डी मौजूद हैं जबकि उत्तराखंड खादी स्टॉल में दस से बारह रंगो के बण्डी। दोनों के डिजाइनों में भी काफी अंतर है। 
अब बात करें शर्ट की तो शर्ट के ढेरो कलेक्शन्स लोगों को अपनी और आकर्षित कर रही है। उत्तराखंड खादी स्टॉल पर महिलाओं का खास ध्यान रखा गया है। शूट पीस कई रंगो में उपलब्ध है। 

मेले के आयोजक जागृति फाउंडेशन के सचिव कृष्णा जी ने बताया कि तीन सौ स्टॉलों में लगभग ढाई सौ स्टॉल  लग चुके हैं और पचास स्टॉल एक दो दिन में लग जायेंगे।

मेले के संयोजक ऋषि कमल पाण्डेय ने पहले ही दिन से मंच को सम्भालने का काम किया है। मेले के मंच पर हर दिन प्रतियोगिता, रंगारंग कार्यक्रम के साथ-साथ रूबरू कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। जिसके तहत शहर के हर वर्ग से लोग प्रतिभागी बन रहे हैं और अपनी कला का भी प्रदर्शन कर रहे हैं। डांस एकेडमी, एजुक्शन सेक्टर के साथ-साथ कला कृति जैसे संस्थाने भी बढ़-चढ़ के हिस्सा ले रही हैं। प्रतिभागियों को हर दिन जीत और हार से रुबरू होना पड़ रहा है जो मंच को और भी मनोरंजक बना रहा हैं।

ऑटोमोबाइल सेक्टर, हैंडलूम हैण्डिक्राफ्ट सेक्टर, इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट मेले का मुख्य आकर्षण का केंद्र हैं।हॉउस होल्ड प्रोडक्ट जिसमें रोटी मेकर, पिकनिक टेबल, बिना पानी से चलने वाले कूलर, किचेन वेयर, हैंड जूसर, क्राॅकरी के साथ आचार और पाचन चूर्ण भी मौजूद हैं।
देवघर का नामी पेड़ा का स्वाद भी चख रह है रांची

फ़ूड प्लाजा पर ऐसे दस स्टॉल लगाये गए हैं जिसमें देवघर के पेड़े की मीठास कुछ और ही मज़ा दे रही है। पेड़ा विक्रेता ने बताया की रांची के लोगों को ये पेड़े काफी भाते हैं।
साउथ का डोसा लोगो की पसंद
डोसा के स्टॉल पे एक से बढ़कर एक साउथ इन्डियन डिश मौजूद हैं। जिसमें डोसे का काफी डिमांड है। डोसा खाने वालों का कहना है कि डोसे का मसाला, सांभर और चटनी मानों हैदराबाद के होटलों की याद दिला रहे हैं।
बनारसी पान से सबके होठ लाल
आप पान के शौकीन हैं तो मेले में जरूर आये क्योंकि यहां एक नही पान के बीस से भी अधिक मसाले मौजूद हैं। बंगले और मीठे पत्ती की देशी स्वाद का क्या कहने। हर ग्राहक खरीदारी के बाद एक पान का बीड़ा अपने गालो तले जरूर दबा रहे है।

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