​संसद लेकर सड़क तक जाधव मामले की गूंज, सोशल मीडिया पर पाकिस्तान का विरोध

पाकिस्तान में भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को जासूसी के आरोप में फांसी की सजा दिए जाने का मुद्दा मंलगवार को देश की संसद में गूंजा। कांग्रेस ने इसे लेकर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया था। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुद्दे को उठाते हुए कहा कि अगर जाधव को बचाया नहीं जा सका तो यह भारत सरकार की कमजोरी होगी। खड़गे ने लोकसभा में कहा, ‘अगर जाधव का फांसी दी गई, तो यह हत्या ही समझी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जाधव मामले में पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन नहीं किया, उन्हें वकील तक मुहैया कराने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि भारत को इस पर प्रतिक्रिया की ताकत दिखानी चाहिए।’ खड़गे ने पीएम मोदी के नवाज के परिवार की शादी में जाने को लेकर सरकार निशाना साधा और कहा कि पीएम को यह मुद्दा उठाना चाहिए था। खड़गे के इस बयान पर काफी हंगामा हुआ। खड़गे के बयान पर केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि मामले पर राजनीति न करें। जाधव के साथ पूरा देश खड़ा है।

उधर AIMIM सासंद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सरकार को गंभीरता से इस पर सोचना चाहिए। जाधव को बचाने की पूरी कोशिश करनी चाहिए। जाधव को धोखा देकर पाकिस्तान पकड़कर लाया गया। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले पर कदम उठाए।
दूसरी तरफ देश के आम लोगों में पाकिस्तान को लेकर गुस्सा भड़क उठा है। सोमवार शाम से ही सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक यह गुस्सा देखने को मिल रहा है। ट्विटर पर कुलभूषण का नाम टॉप ट्रेंड्स में शामिल है, तो वहीं फेसबुक पर भी लोग इसे लेकर लगातार पोस्ट डाल रहे हैं। उधर नागपुर में लोग पाकिस्तान के इस कदम का विरोध करते हुए सड़कों पर आ गए। उन्होंने ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लगाए और उसका पुतला भी फूंका। कुछ लोग जाधव की तस्वीर भी हाथ में लिए हुए थे।
इस बीच खुद पाकिस्तान के अधिकारी भी इस मुद्दे पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है। भारत में पाकिस्तान के राजदूत अब्दुल बासित से मीडिया ने जब इस संबंध में बात करनी चाही तो वह सवालों से बचते हुए बिना कुछ कहे ही निकल गए। उन्होंने अपनी कार तक नहीं रोकी।

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