वर्ष 2020 तक 250 अरब डॉलर होगी भारत की इंटरनेट इकॉनमी : रिपोर्ट

भारत की इंटरनेट इकोनॉमी का आकार वर्ष 2020 तक 250 अरब डॉलर होने की संभावना है, क्योंकि ऑनलाइन यूजर्स की संख्या और डाटा उपभोग में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है।

बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी)-टीआईई की ‘दि 250 अरब डॉलर डिजिटल वॉल्केनो: डॉरमैंट नो मोर’ रिपोर्ट के अनुसार भारत की इंटरनेट आधारित अर्थव्यवस्था के 100-130 अरब डॉलर से बढ़कर 2020 तक 215-265 अरब डॉलर होने की उम्मीद है। अभी यह सकल घरेलू उत्पाद का करीब पांच प्रतिशत है, जो 2020 तक बढ़कर 7.5 प्रतिशत हो सकती है। इसके पीछे अहम कारण ई-कॉमर्स क्षेत्र और वित्तीय सेवाओं का बढ़ना है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, देश में वर्तमान में करीब 391 मिलियन लोग इंटरनेट यूज करते है। इसी स्पीड से 2020 तक 650 मिलियन लोग इंटरनेट यूज करेंगे। जिससे देश में करीब 250 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक का व्यवसाय होने की उम्मीद या तक पहुंच सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 2020 तक मोबाइल इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 85 प्रतिशत तक हो जाऐगी। जिसमें प्रति व्यक्ति 7 से 10 जीबी यूज करने लगेगा। रिपोर्ट के अनुसार ई-कॉमर्स एवं वित्तीय सेवाओं का आकार 40-50 अरब डॉलर रहने की उम्मीद है। ई-कॉमर्स उत्पादों के बाजार का आकार 45-50 अरब डॉलर और डिजिटल मीडिया एवं विपणन क्षेत्र का आकार 5-8 अरब डॉलर रहने का अनुमान है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मोबाइल इंटरनेट यूजर्स के मामले में भारत अभी दूसरा सबसे बड़ा देश है। अभी इनकी संख्या 39.1 करोड़ है और 2020 तक इसके बढ़कर 65 करोड़ हो जाने की संभावना है। इसी तरह 2020 तक डाटा उपभोग में भी 10-14 प्रतिशत वृद्धि होने की उम्मीद है।

हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि स्मार्टफोन पहुंच में चार गुना बढ़ोतरी के बावजूद, भारत में विकसित देशों की तुलना में इंटरनेट उपयोग में गिरावट जारी है। प्रति उपयोगकर्ता औसत डेटा खपत अभी भी प्रति माह 1 GB से भी कम पर है जबकि इंडोनेशिया और ब्राजील में प्रति माह 2 से 3 जीबी डेटा खपत है और जापान और अमेरिका जैसे विकसित अर्थव्यवस्थाओं में यह आंकड़ा 9 से 11 जीबी प्रति माह हैं।

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