यात्रा और पर्यटन प्रतिस्पर्धी सूचकांक में भारत स्थान 40वें पर

भारत, विश्‍व आर्थिक मंच के यात्रा और पर्यटन और प्रतिस्‍पर्धा सूचकांक में 12 पायदान चढ़कर 40वें स्‍थान पर आ गया है। पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने बताया कि ई-वीजा, सड़क सुरक्षा और स्‍वच्‍छता के फलस्‍वरूप  यह संभव हो सका है। डॉ. शर्मा ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र पर नोटबंदी का कोई असर नहीं हुआ है और राजस्‍व में भी छह प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

डब्ल्यूईएफ की रिपोर्ट के अनुसार इस साल भारत 40वें स्थान पर है। 2015 में भारत इस सूची में 52वें तथा 2013 में 65वें स्थान पर था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, पिछले चार साल में विश्व यात्रा एवं पर्यटन इंडेक्स में हमने 25 पायदान की छलांग लगाई है। इससे पता चलता है कि सरकार इस क्षेत्र को कितना महत्व देती है।

बीते सालों में भारत की उभरती छवि पर्यटन क्षेत्र में जारी ई-वीजा से पर्यटन क्षेत्र को कामयाबी मिली है। साल 2014 में 46 देशों के साथ ई-वीजा की शुरुआत हुई थी जो आज 161 देशों तक पहुंचा है। मसलन साल 2016 की तुलना में जनवरी 2017 में देश में 16.5 फीसद पर्यटकों का इजाफा हुआ है।

फरवरी 2016 में पर्यटकों के लिए इंक्रेडिबल इंडिया हेल्पलाइन सुविधा शुरू की गई, जो 12 भाषाओं में है। ये सुविधा टोल फ्री नंबर 1363 पर उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त टूरिस्टों के लिए वेलकम कार्ड जैसी सुविधाएं भी हैं, जो भारत में पर्यटकों को लुभाने में कारगर साबित हुए हैं।

दो वर्ष पर जारी होने वाली सूची को जारी को जारी करते हुए विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने कहा है कि आर्थिक वृद्धि के साथ भारत की व्यापार यात्रा गंतव्य के रूप में प्रासंगिकता बढ़ रही है और यह काफी कीमत प्रतिस्पर्धी गंतव्य है और वीजा व्यवस्था में हाल में हुए बदलाव से वैश्विक रूप से आवक बढ़ी है।

भारत क्रमशः 9वीं और 24वीं रैंकिंग के साथ अपने विशाल सांस्कृतिक और प्राकृतिक संसाधनों के साथ अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का आकर्षण बना रहा है, जोकि भारतीय पर्यटन की यूएसपी हैं, जबकि मूल्य प्रतिस्पर्धा लाभ के मामले में, भारत 10वें स्थान पर है। अंतर्राष्ट्रीय खुलेपन के संदर्भ में, भारत 14 स्थानों की छलांग लगाकर 55 वें स्थान पर आ गया है।

भारत में विदेशी पर्यटकों का आगमन (एफटीए) वर्ष 2013 में बढ़कर 6.97 मिलियन हो गया, जो 2014 में 7.68 मिलियन तक पहुंचा, 2015 में 8.03 मिलियन और 2016 में 8.89 मिलियन तक पहुँच गया, यह 4-5 प्रतिशत की अंतरराष्ट्रीय विकास दर के मुकाबले 8.45 प्रतिशत की संयुक्त औसत वृद्धि दर को दिखा रहा है।

विश्व यात्रा और पर्यटन परिषद (डब्ल्यूटीटीसी) अनुसंधान द्वारा समर्थित आंकड़ें दर्शाते हैं, वर्ष 2016 से 2026 के बीच, अवकाश यात्रा खर्च के मामले में शीर्ष 10 सबसे तेजी से बढ़ते गंतव्यों में भारत के बाद अंगोला, युगांडा, ब्रुनेई, थाईलैंड, चीन, म्यांमार, ओमान, मोज़ाम्बिक और वियतनाम हैं।

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