वर्ष 2030 तक केवल दुनिया में 91 प्रतिशत लोगों के पास बिजली तक पहुँच होगी

विश्व बैंक ने ग्लोबल ट्रैकिंग फ्रेमवर्क 2017 जारी 
एक नयी रिपोर्ट के अनुसार, सतत ऊर्जा के प्रत्येक क्षेत्र में, कई देशों ने वैश्विक ऊर्जा पहुंच हासिल करने के लिए समग्र प्रगति की अपेक्षा धीमी गति के बावजूद, नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता लक्ष्यों को पाने दुनिया को आगे बढ़ाया है।

ग्लोबल ट्रैकिंग फ्रेमवर्क 2017 – सतत ऊर्जा की ओर प्रगति के शीर्षक वाली यह रिपोर्ट, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुमानों को दर्शाती है कि जिसके अनुसार वर्ष 2030 तक केवल दुनिया में 91 प्रतिशत लोगों के पास बिजली तक पहुँच होगी, जबकि केवल 72 प्रतिशत के पास स्वच्छ खाना उपलब्ध होगा।

ऊर्जा की तीव्रता में सुधारों के भी 2030 के लक्ष्य से कम रहने का अनुमान है, जबकि अक्षय ऊर्जा का हिस्सा उस समय तक केवल 21 प्रतिशत तक पहुंच पायेगा। इन अनुमानों को ध्यान में रखते हुए तत्काल कार्यवाही की आवश्यकता पर ज़ोर दिया जाना जरूरी है।

रिपोर्ट के अनुसार, सार्थक सुधार, वित्तपोषण के उच्च स्तर और साहसिक नीति प्रतिबद्धताओं को बनाना, नए पैमाने पर नई प्रौद्योगिकियों को गले लगाना प्रत्येक देश के बहुत जरूरी है।

रिपोर्ट के प्रमुख तथ्य:

2014 में, वैश्विक स्तर पर बिजली की पहुंच वर्ष 2012 में 85.0 प्रतिशत के स्तर से बढ़कर 85.3 प्रतिशत हो गई, जोकि पिछले वर्षों की तुलना में धीमी गति को दर्शाता है। अफ्रीका में बिजली की पहुंच इसकी जनसंख्या के अनुरूप तेजी से नहीं बढ़ रही है। लेकिन केन्या, मलावी, सूडान, यूगांडा, और जाम्बिया और रवांडा जैसे देशों में, विशेष रूप से 2012-2014 की अवधि में उनके विद्युतीकरण में 2 से 4 प्रतिशत अंकों की वृद्धि हुई है।

2014 में, स्वच्छ ईंधन और पाक कला के लिए प्रौद्योगिकियों की पहुंच 57.4 प्रतिशत तक पहुंच गई, जोकि वर्ष 2012 के 56.5 प्रतिशत के स्तर से थोड़ा ऊपर है। इनमें से अधिकांश लोग एशिया में रहते हैं, और कम हद तक अफ्रीका में रहते हैं, जहां स्वच्छ खाना पकाने की नीति प्राथमिकता में नहीं होती है। केवल एक मुट्ठी भर देश जैसे इंडोनेशिया, पेरू और वियतनाम स्वच्छ खाना बनाने तक की पहुंच के लिए प्रोत्साहन की प्रगति दिखा रहे है।

ऊर्जा दक्षता एक ऐसा क्षेत्र है जहां प्रगति 2012-2014 से बढ़ी है। विश्व के 20 उच्च ऊर्जा उपभोक्ताओं में से पंद्रह ने वर्ष 2012-2014 की अवधि में अपनी ऊर्जा की तीव्रता में कमी की है जिसमें कि चीन, मैक्सिको, नाइजीरिया और रूसी संघ जैसे देशों में सालाना 2.6 प्रतिशत की कमी से अधिक प्रदर्शित होती है।

दुनिया की कुल ऊर्जा खपत में अक्षय ऊर्जा का हिस्सा 2012 में 17.9 प्रतिशत से बढ़कर 2014 में 18.3 प्रतिशत हो गया। पर इस क्षेत्र में गर्मी और परिवहन जैसे क्षेत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा पर निर्भरता बढ़ाने की आवश्यकता है, जोकि वैश्विक ऊर्जा खपत का 80 प्रतिशत हिस्सा है।

ग्लोबल ट्रैकिंग फ्रेमवर्क जोकि अब तक हर दो साल में नवीनीकृत किया जाता था, आगे चलकर हर साल अपडेट किया जाएगा।

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