पूर्व मंत्री के पैतृक गाँव में पोलियो के खुराक का लोगो ने किया विरोध

​ज़ाहिद अनवर (राजु)/दरभंगा। 

दरभंगा शहर के करीब बहादुरपुर प्रखंड अवस्थित प्रेम जीवर एक पंचायत है। इसी पंचायत में पूर्व मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री श्री अली अशरफ फातमी का घर भी है जो बांकीपुर पंचायत के नाम से जाना जाता है। आज इसी पंचायत के वार्ड नंबर 3 पर जब आंगनवाड़ी सेविका मंजू देवी पोलियो की खुराक पिलाने पहुँची तो कुछ लोगो ने ये कहकर विरोध किया कि आजतक इस पंचायत में किसी बीमारी का एक टीका तक नहीं पड़ा। सिर्फ यहाँ के स्वास्थ्य कर्मी कागज़ पर सभी कामो को दर्शा देते है और आम जनता सभी सरकारी लाभ से वंचित ही रहता है। तो फिर पोलियो की खुराक पिलाने से क्या फायदा। प्रखंड स्तर से लेकर जिला स्तर के सभी अधिकारी की मिलीभगत से लोगो को लाभ नहीं पहुँच पा रहा है। वहाँ लोगो में बहुत आक्रोश देखने को मिला। PNI के संवाददाता जब वहाँ स्वास्थ केंद्रों में मौजूद स्वास्थ सेवाओं का हाल देखने पहुँचे तो दिन के करीब दो बजे उपस्वास्थ्य केंद्र बंद पाया गया। वहाँ मौजूद रामवृक्ष दास, संजीत दास, मो0 गुलाब, मो0 सगीर, गररू राम और एक महिला मरीज़ शोभा देवी के परिजन ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र अधिकतर बंद रहता है और अमुक स्थान बच्चो के खेलने और मवेशियों के बाँधने के लिए उपयोग किया जाता है। मंत्रियो के पैतृक गाँव में इस तरह की घटना कही न कही ज़िला प्रशाशन की लापरवाही को उजागर करती है। आक्रोशित लोगो ने जिला प्रशाशन के खिलाफ मुर्दाबाद के जमकर नारे भी लगाए और माँग की के जबतक यहाँ के स्वास्थ्य कर्मियों का तबादला नहीं होता तब तक वो लोग पोलियो की खुराक का विरोध जारी रखेंगे। पंचायत के मुखिया श्री ज़ीशान फ़ारूक़ी ने PNI से बात करते हुए बताया कि मैंने उनलोगों से पोलियो खुराक का विरोध नहीं करने के लिए कहा है और साथ ही साथ ये आश्वाशन भी दिया है कि मै इसकी शिकायत प्रखंड से लेकर जिला के अधिकारियों से करूँगा आप बच्चो को पोलियो का खुराक पिलाने दे। लेकिन लोग मानने के लिए तैयार नही। आश्चर्य की बात तो ये है सरकार जिस अभियान पर लाखों लाख खर्च कर रही है उस अभियान को निचले स्तर के अधिकारियो के कारण सफलता नहीं मिल पा रही है। यदि ज़िला प्रशाशन ऐसे कर्मियों के खिलाफ अगर कोई ठोस कदम उठाती है तभी जा कर इस अभियान को सफलता मिल पाएगी और स्थानीय लोगो का आक्रोश भी कम हो पाएगा।

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