हड़ताल कभी असंवैधानिक नहीं हो सकती


सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस जनहित याचिका पर सुनवाई करने से से इनकार कर दिया जिसमें कहा गया था कि हड़ताल आहूत करना गलत है, हड़ताल बुलाकर संघो के द्वारा  इस संबंध में पहले दिए गए पुर्व के  न्यायिक आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं. याचिका में कहा गया था कि हड़ताल से आम जनजीवन पर बुरा असर पड़ता है, इसलिए उसे लेकर स्थिति साफ होनी चाहिए.

चीफ जस्टिस जेएस खेहर और जस्टिस डी.वाई चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा, ‘हड़ताल कभी असंवैधानिक नहीं हो सकती. विरोध करने का अधिकार एक कीमती संवैधानिक अधिकार है. हम कैसे कह सकते हैं कि हड़ताल असंवैधानिक होती है ? 
जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए कोर्ट को अपनी बात समझाने में नाकाम रहने पर याचिकाकर्ता ने अपनी अर्जी वापस लेने का फैसला किया.

Advertisements