(एनडीबी) बैंक की दूसरी वार्षिक बैठक

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 01 अप्रैल 2017 को नई दिल्ली में न्यू डेवल्प्मेंट बैंक (एनडीबी) की दूसरी वार्षिक बैठक के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। सितम्बर, 2006 में न्यूयार्क में ब्राजील, चीन, रूस और भारत के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई थी, जिसे अब एक दशक से अधिक समय हो चुका है। इसमें ब्रिक्स की आधारशिला रखी गई थी। उसके बाद से ब्रिक्स का कई क्षेत्रों में विकास हुआ और एनडीबी उसी कड़ी में एक नई उपलब्धि है।

भारत ने ब्रिक्स देशों द्वारा स्थापित नव विकास बैंक एनडीबी से अपनी ढांचागत क्षेत्र की परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए दो अरब डालर का ऋण मांगा है। जेटली ने कहा कि बैंक को अपनी उस भूमिका के प्रति सजग रहना चाहिए जो कि उसके संस्थापकों ने उसे सौंपी है। उन्होंने कहा कि भारत में अगले पांच साल के दौरान ढांचागत क्षेत्र में करीब 43 लाख करोड़ रुपए 646 अरब डालर की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा इसमें से 70 प्रतिशत राशि बिजली, सडक़ और शहरी ढांचागत क्षेत्र में चाहिए। इससे एनडीबी जैसे संस्थानों के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध हुए।

बैंक की स्थापना का विचार दिल्ली में आयोजित 2012 में चौथे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत द्वारा प्रस्तावित किया गया था। एक नए विकास बैंक का गठन शिखर सम्मेलन के लिए मुख्य एजेंडा था।

15 जुलाई 2014 को, फ़ोर्टालेज़ा, ब्राजील में आयोजित छटे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन, उभरती अर्थव्यवस्थाओं के समूह ने $ 100 बिलियन बैंक और $ 100 बिलियन के आरक्षित मुद्रा पूल बनाने के लिए लंबे समय से प्रत्याशित दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए। बैंक का मुख्यालय चीन के शंघाई में होगा।

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