एक फूल तीन माली-एक और प्रेम कहानी

ज़ाहिद अनवर (राजु)

दरभंगा। प्रेम-संबंध को दो आत्माओं का मिलना कहा जाता है, मगर लोगों ने इसे खेल बना दिया है। जी हां, प्रेम-संबंध के चक्कर में प्रत्येक एक साल पर घर से भागकर तीन लड़कों के साथ शादी रचाने वाली लड़की ने अपनी जिंदगी के एक ढ़ाई साल के मासूम बच्चे का भविष्य भी कोर्ट-कचहरी के चक्कर के नाम कर दिया है। 

मामला जिले के हायाघाट थाने के अंतर्गत आने वाले हथौड़ी गांव निवासी शशिकांत झा की बेटी राधिका कुमारी उर्फ प्रीती कुमारी का है। उसके पिता ने सदर ब्लॉक में उसकी शादी की थी। कुछ ही दिनों बाद उन्होंने मधुबनी जिले के खजौली थाना अंतर्गत कशमा गांव के मोहन कुमार सिंह व एक अन्य के खिलाफ उसके अपहरण किये जाने की प्राथमिकी दर्ज कराई। जिसमें उन्होनें अपनी शादीशुदा बेटी को उक्त लड़कों के द्वारा बहला फुसलाकर भगाने का आरोप लगाया। मगर बाद में यह मामला प्रेम संबंध का पता चला। बाद में दोनों परिवार के द्वारा सुलह कर लिया गया। राधिका और मोहन के बीच प्रेम की पींगें सदर थाना क्षेत्र के कबीर चक से बढ़नी शुरू हुई थी। 

प्रेम संबंध और अपनी शादी को लेकर मोहन ने बताया कि वह सदर थाना के कबीर चक में एक किराया के मकान में रह कर अपनी पढ़ाई करता था और साथ ही कोचिंग में पढ़ाता भी था। इसी कड़ी में एक छात्र से उसे एक लड़की का नंबर मिला जो लड़की राधिका थी। राधिका पहले से शादीशुदा थी। दोनों के बीच बातचीत होने लगी और प्रेम परवान चढ़ने लगा। दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खाकर 2004 में मंदिर में शादी रचा ली। इस बीच एक बच्चा भी हो गया। मोहन अक्सर घर से बाहर रहता था। अब राधिका की बातचीत समस्तीपुर जिले के आरसी नगर निवासी एक पूर्व परिचित युवक शिव शंकर राय से शुरू हो गई। वह भी पहले से शादीशुदा था। इस बीच मौका पाकर वह 22 फरवरी 2017 को शिव शंकर राय के साथ घर से भाग निकली।

इस अजब-गजब प्रेम संबंध या यू कहें कि प्रेम के घनचक्कर का भंडाफोड़ मंगलवार को एएसपी दिलनवाज अहमद के समक्ष उनके कार्यालय में हुआ। बताते चलें कि इस मामले में राधिका के दूसरे पति मोहन सिंह ने भी अज्ञात के खिलाफ राधिका के अपहरण की प्राथमिकी सदर थाने में दर्ज कराई थी। थाना ने जांच के क्रम में पाया कि उक्त लड़की अपनी मर्जी से समस्तीपुर निवासी पूर्व परिचित प्रेमी शिव शंकर राय के साथ घर से भाग कर शादी कर ली। पुलिस ने पूरे मामले के खुलासा को लेकर जब राधिका के दोनों पति मोहन व शिव शंकर राय को अपना पक्ष रखने के लिए एएसपी दिलनवाज अहमद के समक्ष प्रस्तुत किया तो मोहन ने कहा कि उसे पहले से नहीं पता था कि राधिका की शादी पहले हो चुकी थी। उसने कहा कि  राधिका के पिता द्वारा जब उस पर अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई गई तो उस प्राथमिकी में उसके पिता ने अपनी बेटी के पहले से ही शादीशुदा होने की जानकारी दी थी। 

राधिका के पिता से जब इस संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की गई कि राधिका यदि पहले से शादीशुदा थी तो फिर उसका पति सामने क्यों नहीं आ रहा है या उसके संबंध में जानकारी क्यों नहीं दी जा रही है तो उसके पिता ने दो टूक शब्दों में कहा ​कि उसके पहले पति की पहचान हम नहीं खोलेंगे। मोहन ने कहा कि इस जानकारी के बाद भी वह राधिका को पूरी इज्जत के साथ अपने साथ रख रहा था। वहीं राधिका ने कहा कि मोहन उसके साथ अक्सर मारपीट करता था और उसी ने एक दिन उसे घर से निकाल दिया। इसी क्रम में जब उसने मंदिर में बैठे शिव शंकर राय से अपनी कहानी बताई तो उसने उसे अपने साथ रख लिया और उससे शादी कर उसे अपने घर ले गया अब वह शिव शंकर राय के साथ ही रहना चाहती है। शिव शंकर राय पहले से ही शादीशुदा बताया जा रहा है। एसएसपी के सामने शिव शंकर राय ने कहा कि वह राधिका को अपने साथ रखना चाहता है भले इसके लिए उसे पहली पत्नी को तलाक ही क्यों न देना पड़े। दोनों पतियों सहित राधिका का बयान दर्ज कराने के बाद एएसपी ने तीनों को कोर्ट भेजा। अब देखना है कि इस मामले को लेकर कोर्ट क्या फैसला देता है। फैसला जो भी हो मगर ढ़ाई साल का मासूम आदर्श का भविष्य का ज़िम्मेदार कौन?

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