#देव राज सिक्का मौसम विज्ञानी का निधन

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेटेरियोलॉजी, पुणे के पूर्व निदेशक देव राज सिक्का का 18 मार्च 2017 को निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे। इन्होंने ही सबसे पहले एल निनो घटना और भारतीय मानसून के बीच एक कड़ी का प्रस्ताव रखा था।

अल-नीनो जलवायु तंत्र की एक ऐसी बड़ी घटना है जो मूल रूप से भूमध्य रेखा के आसपास प्रशांत–क्षेत्र में घटती है, किंतु पृथ्वी के सभी जलवायवीय चक्र इससे प्रभावित होते हैं। इसका प्रभाव क्षेत्र लगभग 120 डिग्री पूर्वी देशांतर के आसपास इन्डोनेशियाई द्वीप क्षेत्र से लेकर 80 डिग्री पश्चिमी देशांतर यानी मेक्सिको और दक्षिण अमेरिकी पेरू तट तक, संपूर्ण उष्ण क्षेत्रीय प्रशांत महासागर में फैला है।

समुद्री जल सतह के ताप–वितरण में अंतर तथा सागर तल के ऊपर से बहने वाली हवाओं के बीच अंतर्क्रिया का परिणाम ही अल-नीनो तथा ला-नीना है।

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