आज साफ होगी चुनावी तस्वीर

रांची : लिंट्टीपाड़ा विधानसभा उपचुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और भाजपा के प्रत्याशी पर सस्पेंस रविवार को भी बरकरार रहा। लगातार कवायद के बावजूद झारखंड मुक्ति मोर्चा प्रत्याशी के नाम पर अंतिम मुहर लगा पाने में अक्षम है। इसकी सबसे बड़ी वजह पूर्व विधायक डॉ. अनिल मुर्मू की दो पत्नियों के बीच टिकट की दावेदारी को लेकर मची होड़ है। डॉ. मुर्मू के असामयिक निधन से इस सीट पर उपचुनाव की नौबत आई है। झामुमो की हरसंभव कोशिश सीट पर कब्जा बरकरार रखने की है।
झामुमो का झुकाव डॉ. मुर्मू की पहली पत्नी पर है, लेकिन परेशानी दूसरी पत्नी के तेवर को लेकर है। दोनों ने पार्टी का टिकट हासिल करने के लिए पूरा जोर लगा रखा है। झामुमो का शीर्ष नेतृत्व फिलहाल सुलह की कवायद में है ताकि वोट का बंटवारा नहीं हो। ऐसा हुआ तो सीधा फायदा भाजपा को होगा। पार्टी प्रवक्ता अभिषेक प्रसाद पिंटू के मुताबिक सोमवार को झामुमो प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर देगा। इसकी वजह भी है। मंगलवार को नामांकन की अंतिम तिथि है। उधर, भाजपा की रणनीति वेट एंड वाच की है लेकिन नामांकन की तिथि करीब आने के कारण सोमवार को पार्टी प्रत्याशी के नाम का एलान संभव है। भाजपा डॉ. मुर्मू की उस पत्नी पर दांव लगा सकती है जिसे झामुमो का टिकट नहीं मिलेगा।
गौरतलब है कि 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने गठबंधन के तहत लिंट्टीपाड़ा सीट लोक जनशक्ति पार्टी के लिए छोड़ी थी। बदली परिस्थिति में भाजपा ने उपचुनाव में अपना प्रत्याशी उतारने का निर्णय लिया है

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