​बिहार पंचायत-नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ सुपौल का समाहरणालय द्वार पर धरना

सुपौल। समान कार्य समान वेतन, राज्यकर्मी का दर्जा, नियमित शिक्षकों के तरह सेवा शर्त, अप्रशिक्षित शिक्षकों को एक साथ प्रशिक्षण की व्यवस्था, सभी अप्रशिक्षित शिक्षकों को योगदान तिथि से ग्रेड पे, स्नातक पास शिक्षकों को स्नातक ग्रेड में सामंजन, समान स्कूल शिक्षा प्रणाली सहित 19 सूत्री मांगों को लेकर बिहार पंचायत-नगर प्रारंभीक शिक्षक संघ सुपौल के बैनर तले जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला समाहरणालय द्वार पर धरना दिया गया।

धरना को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सूबे के चार लाख नियोजित शिक्षक ईमानदारी पूर्वक अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए सूबे के 25 लाख वैसे बच्चों, जो विद्यालय से बाहर थे, खेत खलिहान से ढूंढकर विद्यालय लाने का कार्य किया है। साथ ही समय समय पर जो भी जिम्मेदारी दिया जाता रहा है, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से पूरा किया जाता रहा है। बावजूद सूबे के नियोजित शिक्षकों के साथ सरकार दोयम दर्जे का व्यवहार कर रही है। माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के वावजूद भी सामान कार्य समान वेतन जैसे संवैधानिक मांगों को पूरा नहीं किया गया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। बोले कि जारी बजट कालीन में पूर्ण वेतनमान नहीं लागू किया गया तो 23 मार्च को शहीद ए आजम भगत सिंह के शहादत दिवस से अनिश्चितकालीन विधान सभा का घेराव किया जाएगा।
जिला उपाध्यक्ष श्रवण चौधरी, रौशन कुमार व भूपेंद्र यादव ने कहा कि सरकार द्वारा सेवा शर्त के प्रकाशन को लेकर संघ के शिष्टमंडल से वार्ता पश्चात् तीन माह का समय लिया था लेकिन 15 माह बीत जाने के बाद भी सेवा शर्त का प्रकाशन नहीं करना वादाखिलाफी है। 

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