योगी आदित्यनाथ की ताजपोशी पर विशेष

भोलानाथ मिश्र। (लेखक की अपनी राय है।)
मतदान व मतगणना के बाद अगले मुख्यमंत्री को लेकर जनमानस में छाया कुहरा साफ हो गया है और गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर के बहुचर्चित महंत योगी आदित्यनाथ आज प्रदेश के 32 वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर शासन की बागडोर सभाल लेंगे। यह पहला अवसर होगा जब कोई भगवाधारी संत महात्मा शासन सत्ता की बागडोर संभालने जा रहा है। योगी आदित्यनाथ जी का असली नाम अजय सिंह विष्ट है और इनका जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के एक छोटे से गांव में हुआ था। योगी गढ़वाल विश्विद्यालय से गणित में बीएससी पास करने के पश्चात गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर के महंत बने थे। आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर व हिन्दू युवा वाहिनी के संस्थापक पूर्व महंत अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी हैं। जिसे हिन्दू युवाओं का सामाजिक और सांस्कृतिक समूह माना जाता है। योगीजी महंत बनने के लगातार पाँचवीं बार लोक सभा सदस्य के रूप में चुने गये  हैं। योगी जी जब महंत बनकर पहली बार सांसद चुने गये थे तब उनकी आयु मात्र छब्बीस साल थी। योगी अपने गुरू की तरह ही कट्टर हिन्दूवादी माने जाते हैं और अपने कट्टरपंथी बयानों व कार्यो से हमेशा चर्चा में रहें हैं। इसके बावजूद उनके शिष्यों में मुस्लिम भी शामिल हैं जो उन्हें गुरूजी कहकर उन पर जान छिड़कहते हैं। हिन्दुओं का एक बड़ा वर्ग योगी को शुरू से मुख्यमंत्री बनाने की माँग कर रहा था। 

इस चुनाव में भी योगी जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही और भाजपा के स्टार प्रचारकों में भी शामिल थे। मतगणना के बाद योगीजी को मुख्यमंत्री बनाने की जोरदार आवाज उठने लगी थी और कल सुबह तो भाजपा कार्यालय पर उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की माँग को लेकर हंगामा भी हुआ था।योगीजी को मुख्यमंत्री बनाने के लिये शुरू हुई मुहिम के चलते राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जी को योगीजी को गोरखपुर से विमान भेजकर बुलाया और विधायक की बैठक में भेजना पड़ा। यह बात सही है कि भाजपा व मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग योगीजी को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाह रहा था और इधर भाजपा हाई कमान के रवैये से आहत भी था। योगीजी के मुख्यमंत्री बनने से प्रदेश में चारों तरफ खुशी की लहर दौड़ गयी और होली दीपावली जैसा माहौल एक साथ बन गया है। खुशी मनाने वालों में हिन्दू मुस्लिम दोनों शामिल हैं हालाँकि कुछ मुसलमान योगीजी के मुख्यमंत्री बनने से सहम गये हैं। योगीजी के बारे में जिस तरह कट्टर होने की आशंका की जा रही है वैसा कुछ नहीं होना चाहिए। लेकिन तिलक लगाने, केसरिया या लाल रंग के कपड़े पहनने पर जो लोग अबतक छींटाकशी करते थे उनकी बोलती जरूर बंद हो जायेगी। सबसे ज्यादा दिक्कत उन्हें होगी जो अबतक हिन्दू मुसलमानों को धर्म मजहब के नाम पर लड़ाकर साम्प्रदायिक सौहार्द खराबकर राजनैतिक रोटियां सेंकते थे। लोगों को विश्वास है कि अब आंतकियों व उनके संगठनों को प्रदेश में पैर फैलाने का अवसर नहीं मिलेगा और जिसने सिर उठाने का प्रयास किया उसके सिर को कुचल दिया जायेगा। यह भी आशा की जा रही है कि योगीजी के मुख्य मंत्रिकाल में दंगे फसाद नहीं होंगे और लव जेहाद चलाने वालों को पानी नहीं मिलेगा। प्रदेशवासियों खासतौर पर हिन्दुओं को पूरा विश्वास है कि योगीजी भाजपा के चुनावी सकंल्प पत्र को मूर्तिरूप प्रदान करके संवैधानिक दायरे में रहकर अयोध्या जी में भव्य राम मंदिर का भी निर्माण कराएँगे। एक बात सही है कि योगी हठी स्वाभाविक का होता है किन्तु योगीजी योगी के साथ साथ एक वरिष्ठ राजनेता भी हैं और दो वरिष्ठ नेता उनके साथ मे उपमुख्यमंत्री के रूप मे साथ है। उम्मीद की जा रही है कि मोदी जी की तरह योगीजी भी प्रदेश को भ्रष्टाचारमुक्त कर सुशासन स्थापित कर विश्व मानचित्र पर उदाहरण बनायेगें। योगीजी का शासक श्रेणी में आना मोदी की तरह समय की माँग है और इसे प्रकृति की व्यवस्था भी माना जा सकता है। युग परिवर्तन की वेला पर मोदी योगी जैसे लोगों का शासक बनना युग परिवर्तन व युग संवाहक होने का भी प्रतीक भी माना जा सकता है। 

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