सियासी बयान! (पत्रिका)

सब कुछ लुटाकर भी कांग्रेस के नेता आखिर होश में क्यों नहीं आना चाहते? लखनऊ में आतंककारी सैफुल्ला से हुई मुठभेड़ को लेकर कांग्रेस सरकार को घेर रही है। ठीक वैसे, जैसे दिल्ली में हुए बाटला हाउस मुठभेड़ के बाद सरकार को घेरा था। कांग्रेस नेता सवाल उठा रहे हैं कि सैफुल्ला का आईएसआईएस से कनेक्शन साबित नहीं हो जाता, तब तक उसका एनकाउंटर नहीं किया जाना चाहिए था। पुलिस तो सैफुल्ला को गिरफ्तार करने गई थी।

<

p id=”printfriendly” class=”pf-12″ style=”font-size:14px;color:rgb(8,0,0);font-family:Arial, Georgia, serif;”>

<

p id=”pf-print-area” style=”width:auto;”>

<

p id=”pf-content” style=”clear:both;direction:ltr;”>

<

p class=”pf-content”>बाटला हाउस मुठभेड़ के बाद भी कांग्रेस के कुछ नेताओं ने वही किया था जो आज कर रहे हैं। उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। देश के गृहमंत्री मुठभेड़ को सही मान रहे थे जबकि कांग्रेस के दो-तीन नेता पुलिस को ही कठघरे में खड़ा कर रहे थे। आज कांग्रेस विपक्ष में है लिहाजा उसे सरकार को घेरने का अधिकार है।

आरोप लगाने का हक भी लेकिन आतंकवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। कांग्रेस नेता सरकार से पूछ रहे हैं कि आतंकवाद खत्म क्यों नहीं हुआ? क्या वे बता सकते हैं कि 10 वर्ष के उनके शासन में वे आतंकवाद क्यों खत्म नहीं कर पाए? आतंकवाद से कोई सरकार अकेले नहीं लड़ सकती। सभी दलों और जनता को भी मिलकर लडऩा होगा। जिम्मेदार पदों पर बैठे नेता ऐसे कोई बयान ना दें, जिससे देश को नुकसान होता हो।

सौजन्य- पत्रिका।

Advertisements